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Tuesday 23 October 2018
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Rajasthan Government Appeals To Gujjar Community Members Do Not Protests Over Reservation Demands – वसुंधरा सरकार की गुर्जर समाज से अपील- हाईकोर्ट में है मामला, न करें आंदोलन 

Rajasthan Government Appeals To Gujjar Community Members Do Not Protests Over Reservation Demands – वसुंधरा सरकार की गुर्जर समाज से अपील- हाईकोर्ट में है मामला, न करें आंदोलन 

ब्यूरो, अमर उजाला, जयपुर
Updated Mon, 14 May 2018 09:06 PM IST

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राजस्थान में गुर्जर संघर्ष समिति की ओर से मंगलवार से भरतपुर के बयाना के अड्डा गांव से प्रस्तावित आरक्षण आंदोलन पर सरकार और समिति के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत का दौर सोमवार शाम से शुरू हो गया। राज्य सरकार की ओर से गठित समिति ने गुर्जर समाज से आंदोलन नहीं करने की अपील की है। 

गुर्जर संघर्ष समिति का प्रतिनिधिमंडल आरक्षण आंदोलन के अगुआ कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला के बिना ही जयपुर पहुंचा। 15 लोगों के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व गुर्जर नेता हिम्मत सिंह गुर्जर ने किया। बैठक में सरकार की ओर से पंचायती राज मंत्री राजेंद्र सिंह राठौड़, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अरुण चतुर्वेदी, हेम सिंह भड़ाना के साथ ही वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे। बैठक में प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि राजस्थान में ओबीसी की वर्गीकरण कर गुर्जर समाज को पांच फीसदी अलग से आरक्षण दिया जाए। 

बैठक में सरकार की ओर से कहा गया कि सरकार ने गुर्जर समाज को आरक्षण देने के लिए ओबीसी कोटा 21 से बढ़ाकर 26 फीसदी करने के लिए पिछले साल विधानसभा में बिल पास कर दिया था। इसी बीच राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य में आरक्षण कोटा 54 फीसदी होने के कारण बिल पर स्टे लगा दिया। सुप्रीम कोर्ट ने भी राज्य सरकार से कहा था कि वह आरक्षण को 50 फीसदी से अधिक न होने दे। सरकार की ओर से गठित समिति ने प्रतिनिधिमंडल को अदालत में बेहतर पैरवी करने का आश्वासन दिया।

इससे पहले आरक्षण संघर्ष समिति ने कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला की अध्यक्षता में यह तय करने के लिए एक बैठक की कि सरकार से बातचीत के लिए जयपुर पहुंचा जाए या नहीं। करीब तीन घंटे चली इस बैठक में यह तय हुआ कि हिम्मत सिंह के नेतृत्व में 15 सदस्यीय दल जयपुर में सरकार से बात करने के लिए जाएगा। यह भी तय हुआ कि बैठक के नतीजों को प्रतिनिधिमंडल अड्डा में मंगलवार को होने वाली गुर्जर महापंचायत के दौरान सभी को सुनाएगा।

भरतपुर जिले में धारा-144 लागू, पौने दो सौ गांवों में इंटरनेट बंद
प्रशासन ने गुर्जर आंदोलन के दौरान अशांति की आशंका को देखते हुए भरतपुर जिले में 31 मई तक धारा-144 लागू कर दी है। यही नहीं भरतपुर संभाग के पौने दो सौ गांवों में इंटरनेट बंद कर दिया गया है। वहीं गुजरात में पाटीदार आरक्षण आंदोलन के अगुआ रहे हार्दिक पटेल के भरतपुर आने पर रोक लगा दी गई है। अड्डा गांव में दिल्ली-मुंबई रेल ट्रैक होने की वजह से आरएसी की छह कंपनियां बुला ली गई हैं। 

राजस्थान में गुर्जर संघर्ष समिति की ओर से मंगलवार से भरतपुर के बयाना के अड्डा गांव से प्रस्तावित आरक्षण आंदोलन पर सरकार और समिति के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत का दौर सोमवार शाम से शुरू हो गया। राज्य सरकार की ओर से गठित समिति ने गुर्जर समाज से आंदोलन नहीं करने की अपील की है। 

गुर्जर संघर्ष समिति का प्रतिनिधिमंडल आरक्षण आंदोलन के अगुआ कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला के बिना ही जयपुर पहुंचा। 15 लोगों के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व गुर्जर नेता हिम्मत सिंह गुर्जर ने किया। बैठक में सरकार की ओर से पंचायती राज मंत्री राजेंद्र सिंह राठौड़, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अरुण चतुर्वेदी, हेम सिंह भड़ाना के साथ ही वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे। बैठक में प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि राजस्थान में ओबीसी की वर्गीकरण कर गुर्जर समाज को पांच फीसदी अलग से आरक्षण दिया जाए। 

बैठक में सरकार की ओर से कहा गया कि सरकार ने गुर्जर समाज को आरक्षण देने के लिए ओबीसी कोटा 21 से बढ़ाकर 26 फीसदी करने के लिए पिछले साल विधानसभा में बिल पास कर दिया था। इसी बीच राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य में आरक्षण कोटा 54 फीसदी होने के कारण बिल पर स्टे लगा दिया। सुप्रीम कोर्ट ने भी राज्य सरकार से कहा था कि वह आरक्षण को 50 फीसदी से अधिक न होने दे। सरकार की ओर से गठित समिति ने प्रतिनिधिमंडल को अदालत में बेहतर पैरवी करने का आश्वासन दिया।

इससे पहले आरक्षण संघर्ष समिति ने कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला की अध्यक्षता में यह तय करने के लिए एक बैठक की कि सरकार से बातचीत के लिए जयपुर पहुंचा जाए या नहीं। करीब तीन घंटे चली इस बैठक में यह तय हुआ कि हिम्मत सिंह के नेतृत्व में 15 सदस्यीय दल जयपुर में सरकार से बात करने के लिए जाएगा। यह भी तय हुआ कि बैठक के नतीजों को प्रतिनिधिमंडल अड्डा में मंगलवार को होने वाली गुर्जर महापंचायत के दौरान सभी को सुनाएगा।

भरतपुर जिले में धारा-144 लागू, पौने दो सौ गांवों में इंटरनेट बंद
प्रशासन ने गुर्जर आंदोलन के दौरान अशांति की आशंका को देखते हुए भरतपुर जिले में 31 मई तक धारा-144 लागू कर दी है। यही नहीं भरतपुर संभाग के पौने दो सौ गांवों में इंटरनेट बंद कर दिया गया है। वहीं गुजरात में पाटीदार आरक्षण आंदोलन के अगुआ रहे हार्दिक पटेल के भरतपुर आने पर रोक लगा दी गई है। अड्डा गांव में दिल्ली-मुंबई रेल ट्रैक होने की वजह से आरएसी की छह कंपनियां बुला ली गई हैं। 




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