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Monday 9 December 2019
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Rajasthan: Court Will Give Its Verdict Today In The Pahlu Khan Case Mob Violence Case – भीड़ हिंसा: पहलू खान की हत्या में अदालत ने सभी आरोपियों को बरी किया

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Updated Wed, 14 Aug 2019 09:02 PM IST

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राजस्थान के अलवर की अदालत ने अप्रैल 2017 के बहुचर्चित पहलू खान भीड़ हत्या (मॉब लिंचिंग) मामले में सभी छह बालिग आरोपियों को बुधवार को बरी कर दिया। अदालत ने आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी किया है। अपर लोक अभियोजक योगेंद्र सिंह खटाणा ने अलवर के अतिरिक्त सत्र न्यायालय (संख्या एक) के बाहर संवाददाताओं को बताया कि अदालत ने छह आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है। 

उन्होंने कहा कि फैसले की प्रति अभी हमें नहीं मिली है। फैसले का अध्ययन करने के बाद हम निश्चित रूप से उच्च न्यायालय में अपील करेंगे। न्यायाधीश डॉ सरिता स्वामी ने सात अगस्त को दोनों पक्षों की बहस और अंतिम जिरह सुनने के बाद अपना फैसला बुधवार के लिए सुरक्षित रख लिया था।

इस मामले में कुल नौ आरोपियों में तीन नाबालिग हैं, जिनका मामला किशोर न्यायालय में चल रहा है। बालिग आरोपियों में विपिन यादव, रविंद्र कुमार, कालूराम, दयानंद, योगेश कुमार और भीम राठी शामिल थे, जिन्हें अदालत ने बरी कर दिया।

बचाव पक्ष के वकील हुकुम चंद शर्मा ने अदालत के फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह उन लोगों के मुंह पर करारा तमाचा है, जो इस मामले की आड़ में अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने की कोशिश कर रहे थे। वहीं, पहलू खान पक्ष के वकील कासिम खान ने कहा कि अदालत के फैसले की प्रति मिलने के बाद हम इसका अध्ययन करेंगे और आगे अपील करेंगे। हमें उम्मीद है कि हमें न्यााय मिलेगा। पहलू खान के बेटे इरशाद ने कहा कि वह अदालत के इस फैसले से खुश नहीं हैं और आगे अपील करेंगे। 

इस बहुचर्चित घटना के समय राज्य के गृहमंत्री रहे और फिलहाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया ने अदालत का फैसला आने के बाद कहा कि मैं शुरू से ही इस मामले में स्पष्ट था कि कानून की अवहेलना करने वालों के खिलाफ कार्रवाई हो। इस मामले को एक विशेष (राजनीतिक) रंग देकर देश भर में उठाया गया मानों हम इस तरह की हत्याओं के पक्षकार हैं। 

इस मामले में सीबीसीआई ने नामजद छह व्यक्तियों को सुधीर यादव, हुकमचंद यादव, ओम यादव, नवीन शर्मा, राहुल सैनी और जगमाल सिंह को आरोपी नहीं माना था। जिसके बाद वीडियो फुटेज और अन्य प्रमाणों के आधार पर नौ लोगों को आरोपी बनाया गया था। आरोपियों में दो नाबालिग भी शामिल थे। 

गौरतलब है कि एक अप्रैल, 2017 को हरियाणा के नुहं मेवात जिले के निवासी पहलू खान अपने बेटों के साथ जयपुर के पशु हटवाड़ा से दो गाय खरीद कर अपने घर लौट रहे थे। शाम के समय बहरोड़ पुलिया के पास भीड़ ने उन्हें रोक लिया और पहलू व उसके बेटों की पिटाई की गई। इस मारपीट में पहलू खान बुरी तरह घायल हो गया था। सूचना पर पुलिस ने पहलू खान को अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। 

राजस्थान के अलवर की अदालत ने अप्रैल 2017 के बहुचर्चित पहलू खान भीड़ हत्या (मॉब लिंचिंग) मामले में सभी छह बालिग आरोपियों को बुधवार को बरी कर दिया। अदालत ने आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी किया है। अपर लोक अभियोजक योगेंद्र सिंह खटाणा ने अलवर के अतिरिक्त सत्र न्यायालय (संख्या एक) के बाहर संवाददाताओं को बताया कि अदालत ने छह आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है। 

उन्होंने कहा कि फैसले की प्रति अभी हमें नहीं मिली है। फैसले का अध्ययन करने के बाद हम निश्चित रूप से उच्च न्यायालय में अपील करेंगे। न्यायाधीश डॉ सरिता स्वामी ने सात अगस्त को दोनों पक्षों की बहस और अंतिम जिरह सुनने के बाद अपना फैसला बुधवार के लिए सुरक्षित रख लिया था।

इस मामले में कुल नौ आरोपियों में तीन नाबालिग हैं, जिनका मामला किशोर न्यायालय में चल रहा है। बालिग आरोपियों में विपिन यादव, रविंद्र कुमार, कालूराम, दयानंद, योगेश कुमार और भीम राठी शामिल थे, जिन्हें अदालत ने बरी कर दिया।

बचाव पक्ष के वकील हुकुम चंद शर्मा ने अदालत के फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह उन लोगों के मुंह पर करारा तमाचा है, जो इस मामले की आड़ में अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने की कोशिश कर रहे थे। वहीं, पहलू खान पक्ष के वकील कासिम खान ने कहा कि अदालत के फैसले की प्रति मिलने के बाद हम इसका अध्ययन करेंगे और आगे अपील करेंगे। हमें उम्मीद है कि हमें न्यााय मिलेगा। पहलू खान के बेटे इरशाद ने कहा कि वह अदालत के इस फैसले से खुश नहीं हैं और आगे अपील करेंगे। 

इस बहुचर्चित घटना के समय राज्य के गृहमंत्री रहे और फिलहाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया ने अदालत का फैसला आने के बाद कहा कि मैं शुरू से ही इस मामले में स्पष्ट था कि कानून की अवहेलना करने वालों के खिलाफ कार्रवाई हो। इस मामले को एक विशेष (राजनीतिक) रंग देकर देश भर में उठाया गया मानों हम इस तरह की हत्याओं के पक्षकार हैं। 

इस मामले में सीबीसीआई ने नामजद छह व्यक्तियों को सुधीर यादव, हुकमचंद यादव, ओम यादव, नवीन शर्मा, राहुल सैनी और जगमाल सिंह को आरोपी नहीं माना था। जिसके बाद वीडियो फुटेज और अन्य प्रमाणों के आधार पर नौ लोगों को आरोपी बनाया गया था। आरोपियों में दो नाबालिग भी शामिल थे। 

गौरतलब है कि एक अप्रैल, 2017 को हरियाणा के नुहं मेवात जिले के निवासी पहलू खान अपने बेटों के साथ जयपुर के पशु हटवाड़ा से दो गाय खरीद कर अपने घर लौट रहे थे। शाम के समय बहरोड़ पुलिया के पास भीड़ ने उन्हें रोक लिया और पहलू व उसके बेटों की पिटाई की गई। इस मारपीट में पहलू खान बुरी तरह घायल हो गया था। सूचना पर पुलिस ने पहलू खान को अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। 




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