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Friday 21 September 2018
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Jammu And Kashmir’s Ias Brothers Arrested In Illegal Arms Case – अवैध हथियारों के मामले में जम्मू-कश्मीर के आईएएस का भाई गिरफ्तार

Jammu And Kashmir’s Ias Brothers Arrested In Illegal Arms Case – अवैध हथियारों के मामले में जम्मू-कश्मीर के आईएएस का भाई गिरफ्तार

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Updated Wed, 11 Jul 2018 06:33 AM IST

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राजस्थान पुलिस की आतंकवाद निरोधक इकाई (एटीएस) और एसओजी ने जम्मू-कश्मीर कैडर के एक आईएएस अधिकारी के बड़े भाई को हरियाणा के गुरुग्राम से गिरफ्तार किया है। पुलिस अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि सोमवार देर रात की गई उन्हें अवैध हथियार और फर्जी वैपन लाइसेंस उपलब्ध कराने वाले गिरोह से जुड़े होने के कारण गिरफ्तार किया गया। इस मामले में अब 52 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं, जिनके पास से 67 अवैध हथियार और 1188 फर्जी वैपन लाइसेंस बरामद हुए हैं।

राजस्थान एटीएस के अतिरिक्त महानिदेशक उमेश मिश्रा ने बताया कि हरियाणा स्थित एक कंस्ट्रक्शन कंपनी के मालिक 46 साल के कुमार ज्योति रंजन 10 महीने पहले एटीएस व एसओजी के संयुक्त ऑपरेशन में सामने आए अवैध हथियार उपलब्ध कराने वाले गिरोह से जुड़े हुए हैं। ज्योति पर अपने छोटे भाई व जम्मू-कश्मीर कैडर के आईएएस अधिकारी कुमार राजीव रंजन के जरिए दर्जनों लोगों को हथियार रखने का लाइसेंस उपलब्ध कराने का आरोप है। हालांकि मिश्रा ने ये भी कहा कि आईएएस अधिकारी की इस मामले में भूमिका की अभी जांच की जा रही है।

क्या है पूरा मामला
पिछले साल सितंबर में एटीएस व एसओजी ने अवैध हथियार व लाइसेंस उपलब्ध कराने वाले इंटरस्टेट सिंडिकेट का पर्दाफाश किया था, जो चार राज्यों में सक्रिय था। बता दें कि राज्यों में अखिल भारतीय स्तर पर मान्य वैपन लाइसेंस बनाने पर वर्ष 2008 से पाबंदी लगी हुई है। लेकिन अजमेर से दबोचा गया इस गिरोह का मुखिया जुबेर 3 से 4 लाख रुपये लेकर जम्मू-कश्मीर के स्थानीय पते पर 2008 से पहले की तारीखों में फर्जी तरीके से लाइसेंस बनवाकर उपलब्ध कराता था। सितंबर से अब तक राजस्थान पुलिस इस मामले में पंजाब, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान और मध्य प्रदेश में छापेमारी कर चुकी है।

राजस्थान पुलिस की आतंकवाद निरोधक इकाई (एटीएस) और एसओजी ने जम्मू-कश्मीर कैडर के एक आईएएस अधिकारी के बड़े भाई को हरियाणा के गुरुग्राम से गिरफ्तार किया है। पुलिस अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि सोमवार देर रात की गई उन्हें अवैध हथियार और फर्जी वैपन लाइसेंस उपलब्ध कराने वाले गिरोह से जुड़े होने के कारण गिरफ्तार किया गया। इस मामले में अब 52 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं, जिनके पास से 67 अवैध हथियार और 1188 फर्जी वैपन लाइसेंस बरामद हुए हैं।

राजस्थान एटीएस के अतिरिक्त महानिदेशक उमेश मिश्रा ने बताया कि हरियाणा स्थित एक कंस्ट्रक्शन कंपनी के मालिक 46 साल के कुमार ज्योति रंजन 10 महीने पहले एटीएस व एसओजी के संयुक्त ऑपरेशन में सामने आए अवैध हथियार उपलब्ध कराने वाले गिरोह से जुड़े हुए हैं। ज्योति पर अपने छोटे भाई व जम्मू-कश्मीर कैडर के आईएएस अधिकारी कुमार राजीव रंजन के जरिए दर्जनों लोगों को हथियार रखने का लाइसेंस उपलब्ध कराने का आरोप है। हालांकि मिश्रा ने ये भी कहा कि आईएएस अधिकारी की इस मामले में भूमिका की अभी जांच की जा रही है।

क्या है पूरा मामला
पिछले साल सितंबर में एटीएस व एसओजी ने अवैध हथियार व लाइसेंस उपलब्ध कराने वाले इंटरस्टेट सिंडिकेट का पर्दाफाश किया था, जो चार राज्यों में सक्रिय था। बता दें कि राज्यों में अखिल भारतीय स्तर पर मान्य वैपन लाइसेंस बनाने पर वर्ष 2008 से पाबंदी लगी हुई है। लेकिन अजमेर से दबोचा गया इस गिरोह का मुखिया जुबेर 3 से 4 लाख रुपये लेकर जम्मू-कश्मीर के स्थानीय पते पर 2008 से पहले की तारीखों में फर्जी तरीके से लाइसेंस बनवाकर उपलब्ध कराता था। सितंबर से अब तक राजस्थान पुलिस इस मामले में पंजाब, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान और मध्य प्रदेश में छापेमारी कर चुकी है।




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