Search
Saturday 17 November 2018
  • :
  • :

jaipur News: not showing the effect of instructions, crackers playing late at night – नहीं दिखा निर्देशों का असर, देर रात तक बजते रहे पटाखे

jaipur News: not showing the effect of instructions, crackers playing late at night – नहीं दिखा निर्देशों का असर, देर रात तक बजते रहे पटाखे

जयपुर, आठ नवंबर (भाषा) दीवाली की रात पटाखे बजाने पर सरकारी बाध्यताओं का राजस्थान के ज्यादातर शहरों में कोई असर नहीं दिखा। लोगों ने तय समय सीमा के बाद भी खूब पटाखे फोड़े और आतिशबाजी की। इसका सीधा असर इन शहरों और कस्बों में हवा की गुणवत्ता पर पड़ा। राज्य सरकार ने वायु और ध्वनि प्रदूषण पर काबू पाने के लिए दीवाली की रात, दस बजे के बाद पटाखे चलाने पर प्रतिबंध लगाया था। यह प्रतिबंध सुबह छह बजे तक था। राज्य के ज्यादातर शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) गुरुवार को बदतर

यह आर्टिकल एजेंसी फीड से ऑटो-अपलोड हुआ है। इसे नवभारतटाइम्स.कॉम की टीम ने एडिट नहीं किया है।

भाषा | Updated:

जयपुर, आठ नवंबर (भाषा) दीवाली की रात पटाखे बजाने पर सरकारी बाध्यताओं का राजस्थान के ज्यादातर शहरों में कोई असर नहीं दिखा। लोगों ने तय समय सीमा के बाद भी खूब पटाखे फोड़े और आतिशबाजी की। इसका सीधा असर इन शहरों और कस्बों में हवा की गुणवत्ता पर पड़ा। राज्य सरकार ने वायु और ध्वनि प्रदूषण पर काबू पाने के लिए दीवाली की रात, दस बजे के बाद पटाखे चलाने पर प्रतिबंध लगाया था। यह प्रतिबंध सुबह छह बजे तक था। राज्य के ज्यादातर शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) गुरुवार को बदतर नजर आया क्योंकि पटाखों व आतिशबाजी के कारण इन शहरों में प्रदूषण का स्तर अचानक ही बढ़ गया। राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार राजधानी जयपुर के सी स्कीम इलाके में पीएम 2.5 और पीएम 10 मानक क्रमश: 330 व 205 रहा । राजधानी के दो अन्य केंद्रों में भी हालात अच्छे नहीं रहे। पीएम 2.5 और पीएम10 पदार्थ कण है जिन्हें माइक्रोमीटर में नापा जाता है जो मानव केश से भी बारीक होते हैं। इनके कारण विभिन्न तरह की स्वास्थ्य दिक्कतें होती हैं। पीएम 2.5 और पीएम10 की मात्रा जोधपुर में 543 और 430 दर्ज किया गया। वहीं कोटा में 364 और 263, अजमेर में 359 व 250, भिवाड़ी में 357 व 331 तथा उदयपुर में 334 व 278 नापा गया। जिला प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि उच्चतम न्यायालय ने पटाखे बजाने की समयावधि का मामला राज्य सरकारों पर छोड़ दिया। राज्य सरकार ने सभी जिला कलेक्टरों को रात दस बजे से सुबह छह बजे तक वायु व ध्वनि प्रदूषण पर लगाम लगाने का निर्देश दिया था। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि शोर शराबे वाले व प्रदूषणकारी पटाखे बजाए जाने पर लगाम लगाना किसी प्रशासनिक मुद्दे से ज्यादा ‘लोगों की सोच व जागरुकता’ का मामला है। जयपुर के एडीएम धारा सिंह मीणा ने कहा, ‘हमने दीवाली त्योहार के दौरान वायु व ध्वनि प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए निर्देश जारी किए थे। पटाखे बेचने के लाइसेंस केवल उन विक्रेताओं को जारी किए गए जिनमें पास पेट्रोलियम व विस्फोटक सुरक्षा संगठन से मंजूरी थी। जहां तक शिकायतों का सवाल है तो हमें इस बारे में अब तक कोई शिकायत नहीं मिली है।’ एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने नाम गुप्त रखने की शर्त पर कहा कि तय समयावधि के बाद पटाखे बजाने वालों के खिलाफ कार्रवाई के बारे में उन्हें उच्चतम न्यायालय या राज्य सरकार से कोई स्पष्ट दिशा निर्देश नहीं मिला। हालांकि इस साल दीवाली पर पटाखों की बिक्री काफी कम रही और पिछले साल की तुलना में लोगों ने कम पटाखे खरीदे। जयपुर फायरवक्र्स डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश हस्सानी ने कहा,’ बच्चों व उनके परिजनों के बीच बढ़ती जागरुकता के कारण इस साल पटाखों की बिक्री अपेक्षाकृत 20 प्रतिशत कम रही। न्यायालय के निर्देश से भी कारोबार प्रभावित हुआ।’ उन्होंने कहा कि एक दिन के त्योहार पर ध्यान केंद्रित करने के साथ साथ वाहनों व एसी से होने वाले प्रदूषण के प्रति भी लोगों को जागरुक होना चाहिए। वहीं पटाखों पर नियंत्रण को लेकर सरकार व न्यायायल के निर्देशों पर आम जनता में मिली जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। एक नागरिक रमेश भाटिया ने कहा,’ दीवाली ही ऐसा समय है जब सभी रिश्तेदार मिलते हैं और पटाखे बजाते हैं। लोग अब जागरुक हैं और अदालत तथा प्रशासन को समाज के अन्य गंभीर मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। एक अन्य नागरिक सोनू ठाकुर ने कहा कि उनके परिवार ने तय समय सीमा में ही पटाखे बजाए। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर जागरुकता फैलाने के लिए अदालत व प्रशासन के दिशा निर्देश स्वागत योग्य कदम है।

 

पाइए राजस्थान समाचार(rajasthan News in Hindi)सबसे पहले नवभारत टाइम्स पर। नवभारत टाइम्स से हिंदी समाचार (Hindi News) अपने मोबाइल पर पाने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App और रहें हर खबर से अपडेट।

rajasthan
News
 से जुड़े हर ताज़ा अपडेट पाने के लिए NBT के फ़ेसबुक पेज को लाइक करें
Web Title not showing the effect of instructions crackers playing late at night

(Hindi News from Navbharat Times , TIL Network)




Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *