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Wednesday 21 August 2019
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jaipur News: पाठ्यक्रम में बदलाव को लेकर सत्तारूढ़ कांग्रेस के नेता आमने-सामने – eminent leaders of ruling congress

जयपुर, 17 मई (भाषा) राजस्थान में स्कूली पाठ्यक्रम की किताबों में सती प्रथा तथा जौहर प्रथा से जुड़े तथ्यों में कथित बदलाव को लेकर कांग्रेस के नेता आमने-सामने हो गये हैं। नेताओं ने शिक्षा मंत्री को ऐतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़ करने को लेकर आगाह किया है। राजस्थान के यातायात मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने शुक्रवार को संवाददाताओं से कहा कि ”जौहर को सबको समझने की जरूरत है। मेरा मानना है कि भले ही कांग्रेस का कोई नेता हो या भाजपा का नेता, बिना सोचे समझे भावनात्मक मुद्दों पर बयानबाजी नहीं करनी चाहिए और मंत्री पद

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भाषा | Updated:

जयपुर, 17 मई (भाषा) राजस्थान में स्कूली पाठ्यक्रम की किताबों में सती प्रथा तथा जौहर प्रथा से जुड़े तथ्यों में कथित बदलाव को लेकर कांग्रेस के नेता आमने-सामने हो गये हैं। नेताओं ने शिक्षा मंत्री को ऐतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़ करने को लेकर आगाह किया है। राजस्थान के यातायात मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने शुक्रवार को संवाददाताओं से कहा कि ”जौहर को सबको समझने की जरूरत है। मेरा मानना है कि भले ही कांग्रेस का कोई नेता हो या भाजपा का नेता, बिना सोचे समझे भावनात्मक मुद्दों पर बयानबाजी नहीं करनी चाहिए और मंत्री पद पर होने से हम इतिहास नहीं बदल सकते। ” उन्होंने कहा, ‘‘इतिहास जैसा है वैसा ही रहेगा। जो गलती भाजपा ने की है, वह हमें नहीं करनी चाहिए।’’ कांग्रेस के पूर्व सांसद एवं पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष गोपाल सिंह ईडवा ने भी शिक्षा मंत्री के जौहर को लेकर दिये बयान पर अपनी असहमति जताई है। उन्होंने कहा कि ” जौहर के संदर्भ में छेड़छाड़ करना न तो ऐतिहासिक और न ही सामाजिक दृष्टि से ठीक है। मैंने इस मुद्दे पर उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट से चर्चा की है और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को भी लिखूंगा।” ईडवा ने कहा, ‘‘जौहर से संबंधित आयोजित कार्यक्रमों में देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री तक हिस्सा ले चुके हैं और स्कूल शिक्षा मंत्री को सती और जौहर के अंतर के बारे में पता होना चाहिए।’’ दरअसल राज्य की नयी कांग्रेस सरकार ने पाठ्यक्रम में जो बदलाव प्रस्तावित किए हैं, उसके तहत आठवीं कक्षा में अंग्रेजी की किताब के पहले अध्याय में सती या जौहर से संबधित एक चित्र को हटाकर केवल दुर्ग का चित्र लगाया है जिसके चलते राज्य में बहस छिड़ी हुई है। वहीं, स्कूल शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा, ‘‘सती प्रथा प्रतिबंधित है तो जौहर का अंग्रेजी की किताब में क्या मतलब? यह कहीं भी स्पष्ट नहीं किया गया है कि यह चित्र जौहर का या सती प्रथा से जुड़ा है।’’ उधर, भाजपा नेता स्कूली पाठ्यक्रम में किए जा रहे बदलावों की लगातार आलोचना कर रहे हैं। भाजपा नेता अभिमन्यु सिंह राजवी ने संवाददाताओं से कहा कि राज्य सरकार ने महाराणा प्रताप को महान न बताकर, जौहर का चित्र हटाकर और विनायक दामोदर सावरकर के नाम के आगे से ‘वीर’ शब्द हटाकर इतिहास पर बदनुमा दाग लगाने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि राज्य के स्कूल शिक्षा मंत्री के भावनात्मक मुद्दों पर दिये गये बयानों से ऐसा लगता है कि उन्हें स्वयं को काफी शिक्षित करने की आवश्यकता है।

 

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Web Title eminent leaders of ruling congress

(News in Hindi from Navbharat Times , TIL Network)




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