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Monday 18 November 2019
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Hearing in Roop Kanwar Sati Case at Rajasthan

Publish Date:Wed, 11 Sep 2019 05:00 PM (IST)

जागरण संवाददाता, जयपुर। 32 साल पुराने राजस्थान के रूप कंवर सती मामले में बुधवार को जयपुर की सती निवारण कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान अभियोजन पक्ष (सरकारी) के वकील नरपत सिंह द्वारा पेश किए गए प्रार्थना पत्र के आधार पर आरोपितों के वकील सुरेंद्र सिंह नरूका ने जवाब दिया। अभियोजन पक्ष के वकील ने आठ आरोपितों से कुछ विषयों पर बहस करने के साथ ही अतिरिक्त गवाह कराए गए। जज पुरूषोत्तम लाल सैनी इस मामले में 17 सितंबर को फैसला सुनाएंगे। पहले बुधवार को ही फैसला सुनाए जाने की उम्मीद थी।

जानें, क्या है मामला

करीब 32 साल पहले राजस्थान में सीकर जिले के दिवराला गांव में 18 वर्षीय रूपकंवर चार सितंबर,1987 को अपने पति माल सिंह शेखावत की चिता पर बैठ कर सती हो गई थी। रूप कंवर का घटना के सात माह पहले ही विवाह हुआ था। बीमारी के कारण मालसिंह की मौत हो गई थी। इस मामले में स्थानीय लोगों ने रूप कंवर को सती का दर्जा देते हुए पूजा-अर्चना शुरू कर दी थी। पुलिस ने सती महिमा मंडन के आरोप में 45 आरोपितों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में 22 सितंबर, 1988 को मामला दर्ज किया था।

लंबी सुनवाई के बाद अक्टूबर,1996 में 25 आरोपितों को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप से बरी कर दिया। छह आरोपितों सुनील कुमार, जूथा राम, रामेश्वर, शिव सिंह, तेज सिंह और कालूराम की मौत हो चुकी है। वहीं, आठ आरोपितों उदय सिंह, दशरथ सिंह, भंवर सिंह, नारायण सिंह, निहाल सिंह, महेंद्र सिंह व श्रवण सिंह के खिलाफ कोर्ट में मामला चल रहा है। छह आरोपित फरार हैं। इनमें रिशिकांत, लक्ष्मण, रतन, संग्राम सिंह, कालू सिंह और संपत सिंह शामिल हैं। इनके खिलाफ सती का महिमा मंडन करने का आरोप है।

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Posted By: Sachin Mishra

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