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Sunday 21 April 2019
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Gujjar reservation: gujjar reservation protests collector issues notice to bainsla asking him to vacate railway tracks – गुर्जर आरक्षण: कर्नल बैंसला को रेलवे ट्रैक खाली करने का नोटिस, इंटरनेट सेवा सस्पेंड

सवाईमाधोपुर/जयपुर

राजस्थान में आरक्षण की मांग को लेकर रेलवे ट्रैक पर बैठे गुर्जर समुदाय के लोगों पर प्रशासन ने सख्ती बरतने के संकेत दिए हैं। पांच दिन से गुर्जर आंदोलनकारी सवाईमाधोपुर में रेलवे पटरियों पर कब्जा जमाए हुए हैं। इसके चलते रेल यातायात के अलावा सड़क मार्ग भी बाधित है। इस बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी गुर्जर नेताओं से बातचीत के लिए आगे आने की अपील की है।

सवाईमाधोपुर में प्रशासन ने बुधवार तक के लिए इंटरनेट सेवाओं को सस्पेंड किया है। इसके साथ ही जिला कलेक्टर ने गुर्जर नेता कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला को नोटिस जारी करते हुए रेलवे ट्रैक को खाली करने को कहा है। इसके अलावा एहतियात के तौर पर इस रूट से जाने वाली तीन ट्रेनों को रद्द किया गया है। वहीं, दो ट्रेनों का रूट डायवर्ट हुआ है। बता दें कि राज्य में सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्‍थानों में प्रवेश के लिए पांच प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर शुक्रवार शाम को सवाईमाधोपुर के मलारना डूंगर में गुर्जर समुदाय के लोगों ने रेल पटरी पर कब्जा जमा लिया था।

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सीएम गहलोत ने की वार्ता की अपील

इससे पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को आंदोलनकारी गुर्जर नेताओं से फिर अपील की है कि वह धरना छोड़कर सरकार से बातचीत करें। उन्होंने कहा कि इस मामले में राज्य सरकार से जो हो सकता था वह सरकार ने कर दिया है और आंदोलनकारियों को अब अपनी मांग केंद्र के समक्ष रखनी चाहिए। सीएम गहलोत ने कहा, ‘सरकार पहले की तरह उनकी मदद करने को तैयार है। पहले भी पांच साल हमने कोई कमी नहीं रखी। बाकायदा संवाद रखा और जो कर सकते थे किया और उसका फायदा भी आज गुर्जर समाज को मिल रहा है।’

‘केंद्र के सामने मांग रखे गुर्जर समाज’

गहलोत ने कहा, ‘पूरा गुर्जर समाज जानता है कि पिछली बार जब मैं मुख्यमंत्री था तो एक प्रतिशत (आरक्षण) का जो फैसला किया उसका फायदा सैकड़ों युवाओं को मिला। हमारे हाथ में जो था हमने कर दिया। पांच प्रतिशत की मांग हमने पूरी की थी जिसे हाई कोर्ट ने स्वीकार नहीं किया। पिछली बीजेपी सरकार ने विधानसभा में कानून पारित कर उसे अधिसूचित किया लेकिन वह भी मंजूर नहीं हुआ। अब ये लोग अपनी मांग केंद्र के सामने रखें तो यह उन पर है कि वे क्या फैसला करते हैं।’

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मुख्यमंत्री ने कहा, ‘मैं उनसे अपील करूंगा कि आप धरने से उठो, सरकार से वार्ता करो और सरकार के स्तर पर जो भी संभव होगा, मैं यह विश्वास दिलाता हूं कि उसमें कोई कमी नहीं आएगी।’ इसके साथ ही गहलोत ने गुर्जर आरक्षण के मुद्दे पर बीजेपी के कुछ नेताओं के भड़काऊ बयानों की आलोचना की और कहा कि यह उनकी फितरत है और ऐसा कर के ही वे लोग यहां तक पहुंचे हैं।

गुर्जरों की मांग- 5 फीसदी मिले आरक्षण

गुर्जर नेता किरोड़ी सिंह बैंसला की अगुआई में पांच दिन से उनके समर्थक मलारना डूंगर में जमे हैं। आंदोलनकारियों और सरकारी प्रतिनिधिमंडल में शनिवार को हुई बातचीत बेनतीजा रही। इसके बाद रविवार को दोनों पक्षों में कोई बातचीत नहीं हुई। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने रविवार को कहा कि सरकार के स्तर पर वार्ता के द्वार खुले हैं और आंदोलनकारियों को बातचीत के लिए आगे आना चाहिए। गुर्जर समाज सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्‍थानों में प्रवेश के लिए गुर्जर, रायका रेबारी, गडिया लुहार, बंजारा और गड़रिया समाज के लोगों को पांच प्रतिशत आरक्षण की मांग कर रहा है। वर्तमान में अन्‍य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण के अतिरिक्‍त 50 प्रतिशत की कानूनी सीमा में गुर्जरों को अति पिछड़ा श्रेणी के तहत एक प्रतिशत आरक्षण अलग से मिल रहा है।

(एजेंसियों से मिले इनपुट के साथ)




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