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Saturday 16 January 2021
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Factionalism In Rajasthan Bjp Vasundhara Supporters Created A Separate Organization, Bjp Leader Said High Command Knows Everything – राजस्थान भाजपा में गुटबाजी : वसुंधरा समर्थकों ने बनाया अलग संगठन, भाजपा नेता बोले- आलाकमान को सब पता

Factionalism In Rajasthan Bjp Vasundhara Supporters Created A Separate Organization, Bjp Leader Said High Command Knows Everything – राजस्थान भाजपा में गुटबाजी : वसुंधरा समर्थकों ने बनाया अलग संगठन, भाजपा नेता बोले- आलाकमान को सब पता

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Updated Sat, 09 Jan 2021 02:01 PM IST

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राजस्थान में अब कांग्रेस के बाद भाजपा में भी खींचतान और गुटबाजी की सियासत सामने आने लगी है। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को दरकिनार किए जाने से नाराज उनके समर्थकों ने अब राजस्थान में भाजपा से अलग अपना नया राजनीतिक मंच बना लिया है, जिसका नाम दिया गया है वसुंधरा राजे समर्थक राजस्थान मंच। इसके अलावा, टीम वसुंधरा के नाम से भी सोशल मीडिया में इसी मंच का एक अलग संगठन बनाया गया है।

राजस्थान में वसुंधरा समर्थकों ने हर जिले में अपना जिलाध्यक्ष बनाना शुरू कर दिया है। इसके अलावा युवा संगठन और महिला संगठन भी तैयार किए जा रहे हैं। भाजपा में यह पहली बार हो रहा है कि पार्टी के संगठन से अलग होकर किसी नेता के समर्थन में अलग संगठन तैयार किया जा रहा है।

वसुंधरा समर्थक मंच के प्रदेश अध्यक्ष विजय भारद्वाज ने कहा, ”मैं 2003 में वसुंधरा राजे सिंधिया की वजह से जनता दल छोड़कर भाजपा में आया था और तब से भाजपा की राज्य कार्यकारिणी का सदस्य रहा हूं, भाजपा की आमंत्रित कार्यकारिणी का सदस्य रहा हूं, इसके अलावा विधि प्रकोष्ठ का भी अध्यक्ष रहा हूं और अब हम लोग वसुंधरा राजे को मजबूत करना चाह रहे हैं।”

राज्य में भाजपा के अध्यक्ष सतीश पूनिया ने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की। बाद में सोशल मीडिया पर प्रदेश कार्यकारिणी और जिला कार्यकारिणी की सूचियां वायरल होने लगीं। इस मामले में सतीश पूनिया ने बताया कि इस बात की जानकारी भाजपा के सभी नेताओं को है और जो लोग इस संगठन में काम कर रहे हैं वह लोग भाजपा में सक्रिय सदस्य नहीं हैं। भाजपा व्यक्ति आधारित पार्टी नहीं हैं, यह संगठन आधारित पार्टी है। पार्टी में ऐसी कोई परंपरा नहीं रही है कि समर्थक अपनी टीम घोषित कर दें। उन्होंने कहा कि वसुंधरा समर्थकों ने अपनी टीम बना ली है। इस मामले में केंद्रीय नेतृत्व को खबर है। हमें जैसा आदेश मिलेगा, वैसा ही किया जाएगा।

सतीश पूनिया ने कहा कि वसुंधरा समर्थकों की तरफ से जारी सूची में संगठन के लोग नहीं हैं। इसमें वे लोग हैं, जिन्हें कोई पहचानता भी नहीं है। हालांकि,कुछ पूर्व विधायक भी इस लिस्ट में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन सूचियों से संगठन को कोई फर्क नहीं पड़ता है। वहीं वसुंधरा समर्थक राजस्थान मंच का दावा है कि इन सूचियों को जारी करने से भाजपा को ही फायदा होने जा रहा है। राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि इसके जरिए वह वसुंधरा सरकार के कामकाज को जनता के बीच पहुंचा रहे हैं।

राजस्थान में अब कांग्रेस के बाद भाजपा में भी खींचतान और गुटबाजी की सियासत सामने आने लगी है। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को दरकिनार किए जाने से नाराज उनके समर्थकों ने अब राजस्थान में भाजपा से अलग अपना नया राजनीतिक मंच बना लिया है, जिसका नाम दिया गया है वसुंधरा राजे समर्थक राजस्थान मंच। इसके अलावा, टीम वसुंधरा के नाम से भी सोशल मीडिया में इसी मंच का एक अलग संगठन बनाया गया है।

राजस्थान में वसुंधरा समर्थकों ने हर जिले में अपना जिलाध्यक्ष बनाना शुरू कर दिया है। इसके अलावा युवा संगठन और महिला संगठन भी तैयार किए जा रहे हैं। भाजपा में यह पहली बार हो रहा है कि पार्टी के संगठन से अलग होकर किसी नेता के समर्थन में अलग संगठन तैयार किया जा रहा है।

वसुंधरा समर्थक मंच के प्रदेश अध्यक्ष विजय भारद्वाज ने कहा, ”मैं 2003 में वसुंधरा राजे सिंधिया की वजह से जनता दल छोड़कर भाजपा में आया था और तब से भाजपा की राज्य कार्यकारिणी का सदस्य रहा हूं, भाजपा की आमंत्रित कार्यकारिणी का सदस्य रहा हूं, इसके अलावा विधि प्रकोष्ठ का भी अध्यक्ष रहा हूं और अब हम लोग वसुंधरा राजे को मजबूत करना चाह रहे हैं।”

राज्य में भाजपा के अध्यक्ष सतीश पूनिया ने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की। बाद में सोशल मीडिया पर प्रदेश कार्यकारिणी और जिला कार्यकारिणी की सूचियां वायरल होने लगीं। इस मामले में सतीश पूनिया ने बताया कि इस बात की जानकारी भाजपा के सभी नेताओं को है और जो लोग इस संगठन में काम कर रहे हैं वह लोग भाजपा में सक्रिय सदस्य नहीं हैं। भाजपा व्यक्ति आधारित पार्टी नहीं हैं, यह संगठन आधारित पार्टी है। पार्टी में ऐसी कोई परंपरा नहीं रही है कि समर्थक अपनी टीम घोषित कर दें। उन्होंने कहा कि वसुंधरा समर्थकों ने अपनी टीम बना ली है। इस मामले में केंद्रीय नेतृत्व को खबर है। हमें जैसा आदेश मिलेगा, वैसा ही किया जाएगा।

सतीश पूनिया ने कहा कि वसुंधरा समर्थकों की तरफ से जारी सूची में संगठन के लोग नहीं हैं। इसमें वे लोग हैं, जिन्हें कोई पहचानता भी नहीं है। हालांकि,कुछ पूर्व विधायक भी इस लिस्ट में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन सूचियों से संगठन को कोई फर्क नहीं पड़ता है। वहीं वसुंधरा समर्थक राजस्थान मंच का दावा है कि इन सूचियों को जारी करने से भाजपा को ही फायदा होने जा रहा है। राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि इसके जरिए वह वसुंधरा सरकार के कामकाज को जनता के बीच पहुंचा रहे हैं।




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