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Friday 21 September 2018
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स्नायु संस्थान (मस्तिष्क) की कमज़ोरी में अमृत है -आंवला

स्नायु संस्थान (मस्तिष्क) की कमज़ोरी में अमृत है -आंवला

आंवले के  फायदे—-  ख़राब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करना : अगर आप हाई कोलेस्ट्रॉल से पीड़ित हैं तो सिर्फ एक ग्लास आंवले का जूस आपके लिये बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है। जर्नल मेनोपॉज में प्रकाशित एक शोध के अनुसार, आंवले के नियमित सेवन से ख़राब कोलेस्ट्रॉल की मात्रा कम होती है और शरीर में अच्छे कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ जाती है। इसके अलावा ये ट्राईग्लीसेराइड लेवल को कम करके इंसुलिन रेजिस्टेंस को भी बढ़ा देते हैं।

बालों के लिये फायदेमंद : विटामिन सी और एंटी-ऑक्सीडेंट से भरपूर होने के कारण आंवले के जूस का नियमित सेवन आपके बालों के लिये वरदान है। ये बालों को तेजी से बढ़ाने के अलावा उन्हें मजबूत और काला बनाये रखते हैं।

त्वचा के लिये फायदेमंद : आंवले में एंटी-आक्सीडेटिव क्षमताएं होने के कारण यह आपकी त्वचा को हमेशा यंग बनाये रखते हैं और बढती उम्र के प्रभावों को आपसे दूर रखते हैं।

सर्दी-जुकाम से राहत : आंवले में ऐसे कई औषधीय गुण होते हैं जिनसे यह आपको सर्दी जुकाम जैसी आम बीमारियों से लम्बे समय तक बचाये रखते हैं।

डायबिटीज को कंट्रोल करना : जर्नल फ़ूड एंड फंक्शन में 2004 में प्रकाशित एक शोध के अनुसार आंवले में गैलिक एसिड, गैलोटेनिन, एलैजिक एसिड और कोरिलैगिन पाये जाने और उनके एंटी-डायबिटिक क्षमताओं के कारण यह आपके ब्लड ग्लूकोज लेवल को कम करते हैं और आपके डायबिटीज को नियंत्रण में रखते हैं। इसलिए रोजाना जूस पीना न भूलें।

कैंसर से बचाव : आंवले में एंटी-ऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी और इम्यूनोमॉड्यूलेटरी क्षमताएं होने के कारण इसके जूस का नियमित सेवन हमारे शरीर को कैंसर से बचाने में मदद करता है।

पौरुष लाइफ बेहतर बनाने में मददगार : आंवले में शक्तिवर्धक गुण पाये जाते हैं, साथ ही ये विटामिन सी के भी मुख्य स्रोत होते हैं जिस कारण ये पौरुष को बढ़ाने में मदद करता है। अंतरंग के दौरान आपकी क्षमता को भी बढ़ाने में मदद करते हैं जिससे आपकी लाइफ़ और बेहतर हो जाती है।

आप चाहे तो आवले का मुरब्बा भी ले सकते है आंवले का मुरब्बा शीतल और तर होता हैं, आंवला नेत्रों के लिए हितकारी, रक शोधक, दाहशामक तथा हृदय, मस्तिष्क, यकृत, आंते, आमाशय को शक्ति प्रदान करने वाला होता हैं। इसके सेवन से स्मरण शक्ति तेज़ होती हैं। मानसिक एकाग्रता बढ़ती हैं। मानसिक दुर्लब्ता के कारण चक्कर आने की शिकायत दूर हो जाती हैं। सवेरे उठते ही सर दर्द और चक्कर आते हो तो इस से लाभ मिलता हैं।

सेवन विधि – प्रतिदिन प्रात: खाली पेट ९० ग्राम ( दो चम्मच भर ) मुरब्बा लगातार तीन-चार सपताह तक नाश्ते के रूप में ले, विशेषकर गर्मियों में। चाहे तो इसके लेने के पंद्रह मिनट बाद गुनगुना दूध भी पिया जा सकता है। चेत्र या क्वार मांस में इसका सेवन करना विशेष लाभप्रद है।  ऐसा मुरब्बा विधार्थियो और दिमागी काम करने वालो की मस्तिष्क की शक्ति और कार्यक्षमता बढ़ाने और चिड़चिड़ापन दूर करने के लिए अमृत है। इससे विटामिन सी, ए, कैलशियम, लोहा का अनूठा संगम है। 100 ग्राम आंवले के गूदे में 720 मिलीग्राम विटामिन सी, 15 आइ. यू. विटामिन ए, 50 ग्राम कैल्शियम, 1.2 ग्राम लोहा पाया जाता है। आंवला ही एक ऐसा फल है जिसे पकाने या सुखाने पर भी इसके विटामिन नष्ट नही होते।




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