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Friday 21 September 2018
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ऑस्टियोपोरोसिस ( अस्थिसुषिरता ) रोग और इसे से जुड़े आहार,परहेज और घरेलु इलाज

ऑस्टियोपोरोसिस ( अस्थिसुषिरता ) रोग और इसे से जुड़े आहार,परहेज और घरेलु इलाज

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अस्थिसुषिरता या ऑस्टियोपोरोसिस (osteoporosis) हड्डी का एक रोग है जिससे फ़्रैक्चर का ख़तरा बढ़ जाता है। ऑस्टियोपोरोसिस   ( Osteoporosis ) में अस्थि खनिज घनत्व (BMD) कम हो जाता है, अस्थि सूक्ष्म-संरचना विघटित होती है और अस्थि में असंग्रहित प्रोटीन की राशि और विविधता परिवर्तित होती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने महिलाओं में ऑस्टियोपोरोसिस को DXA के मापन अनुसार अधिकतम अस्थि पिंड (औसत 20 वर्षीय स्वस्थ महिला) से नीचे अस्थि खनिज घनत्व 2.5 मानक विचलन के रूप में परिभाषित किया है; शब्द “ऑस्टियोपोरोसिस की स्थापना” में नाज़ुक फ़्रैक्चर की उपस्थिति भी शामिल है। ऑस्टियोपोरोसिस, महिलाओं में रजोनिवृत्ति के बाद सर्वाधिक सामान्य है, जब उसे रजोनिवृत्तोत्तर ऑस्टियोपोरोसिस कहते हैं, पर यह पुरुषों में भी विकसित हो सकता है और यह किसी में भी विशिष्ट हार्मोन संबंधी विकार तथा अन्य दीर्घकालिक बीमारियों के कारण या औषधियों, विशेष रूप से ग्लूकोकार्टिकॉइड के परिणामस्वरूप हो सकता है, जब इस बीमारी को स्टेरॉयड या ग्लूकोकार्टिकॉइड-प्रेरित ऑस्टियोपोरोसिस (SIOP या GIOP) कहा जाता है। उसके प्रभाव को देखते हुए नाज़ुक फ़्रैक्चर का ख़तरा रहता है, हड्डियों की कमज़ोरी उल्लेखनीय तौर पर जीवन प्रत्याशा और जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती है। 
ऑस्टियोपोरोसिस ( Osteoporosis ) को जीवन-शैली में परिवर्तन और कभी-कभी दवाइयों से रोका जा सकता है; हड्डियों की कमज़ोरी वाले लोगों के उपचार में दोनों शामिल हो सकती हैं।  दवाइयों में कैल्शियम, विटामिन डी, बिसफ़ॉसफ़ोनेट और कई अन्य शामिल हैं। गिरने से रोकथाम की सलाह में चहलक़दमी वाली मांसपेशियों को तानने के लिए व्यायाम, ऊतक-संवेदी-सुधार अभ्यास; संतुलन चिकित्सा शामिल की जा सकती हैं। व्यायाम, अपने उपचयी प्रभाव के साथ, ऑस्टियोपोरोसिस को उसी समय बंद या उलट सकता है

लेने योग्य आहार कैल्शियम हड्डियों को मजबूत और स्वस्थ बनाए रखने वाला प्रमुख पोषक तत्व है। कैल्शियम के उत्तम भोज्य स्रोतों में हैं ! 

डेरी: डेरी उत्पाद जैसे दूध, दही, पनीर कैल्शियम से समृद्ध होते हैं। 
भाजी और हरी सब्जियाँ: कई सब्जियाँ, विशेषकर हरी पत्तेदार सब्जियाँ, कैल्शियम का समृद्ध स्रोत हैं। शलजम की सब्जी, सरसों का साग, कोलार्ड की सब्जी, केल, रोमैन लेट्यूस, अजमोदा, ब्रोकोली, धनिया, पत्तागोभी, समर स्क्वाश, हरी फलियाँ, ब्रसेल्स स्प्राउट्स, अस्पार्गस, और क्रिमिनी मशरुम का सेवन करें।
औषधीय वनस्पतियाँ और मसाले: कैल्शियम के हलके किन्तु स्वादिष्ट प्रभाव के लिए, अपने भोजन में तुलसी, पुदीना, सौंफ के बीज, दालचीनी, पेपरमिंट की पत्तियों, लहसुन, अजवाइन, रोजमेरी, और अजमोदा का प्रयोग करें।
अन्य आहार: कैल्शियम के अन्य बढ़िया स्रोतों में मछली, संतरे, बादाम, तिल होते हैं। साथ ही कैल्शियम की शक्ति से युक्त आहारों जैसे दलिया और संतरे के रस को ना भूलें।  विटामिन डी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह शरीर को कैल्शियम अवशोषित करने में सहायता करता है। विटामिन डी की सर्वाधिक मात्रा सूर्य के प्रकाश से और अन्य भोज्य स्रोतों जिनमें वसायुक्त मछली, लीवर, अंडे, शक्तियुक्त आहारों जैसे कम वसा युक्त दूध आदि हैं, से प्राप्त होती है।  
रिसर्च के अनुसार अपने आहार को नारियल के तेल के साथ मिलाकर खाने से एस्ट्रोजेन की कमी से होने वाली हड्डियों के नुकसान को रोका जा सकता है। नारियल के तेल में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट हड्डियों के ढांचें को नियंत्रित करके रखते हैं और हॉर्मोन्स में आने वाले बदलाव की वजह से हड्डियों को पहुंचने वाले नुकसान से भी बचाता है। इसके साथ ही ये तेल शरीर में कैल्शियम और मैग्नीशियम को अवशोषित करने में मदद करता है। ये दो आवश्यक पोषण तत्व हड्डियों की मजबूती को बढ़ाने को नियंत्रित रखने में बेहद ज़रूरी हैं। 

नारियल के तेल का इस्तेमाल दो तरीकों से करें

पहला तरीका= रोज़ाना तीन चम्मच नारियल के तेल का सेवन करें इससे ऑस्टियोपोरोसिस को रोकने में मदद मिलती है।
दूसरा तरीका= इसके अलावा आप पूरे शरीर पर कुछ मिनट तक नारियल के तेल से मसाज कर सकते हैं। फिर गर्म पानी से नहाएं। इस तरह आप रोज़ाना ये प्रक्रिया करें। इस तरह करने से आपकी हड्डियों पर बेहद अच्छा प्रभाव पड़ेगा।इसके साथ ही खाना बनाने के लिए नारियल के तेल का इस्तेमाल करें।
 परहेज करें- प्रोसेस्ड मीट, जैसे कि टर्की और सूअर का गोश्त, तथा हॉट डॉग। फ़ास्ट फ़ूड, जैसे कि पिज़्ज़ा, बर्गर, टेकोस और फ्राइज।प्रोसेस्ड आहार, जिनमें शीतगृह में रखे सामान्य और कम कैलोरी वाले भोज्य पदार्थ आते हैं।कैन में बंद सामान्य सूप और सब्जियाँ तथा उनके रस।  भुने उत्पाद, जिनमें ब्रेड और नाश्ते के विभिन्न दलिए आते हैं।

 योग और व्यायाम- वृद्धजनों में हड्डी के घनत्व को बचाए रखने में व्यायाम प्रमुख भूमिका निभाता है। आपको फ्रैक्चर होने की संभावना को कम करने हेतु सुझाए गए व्यायामों में हैं 

भार वहन करने वाले व्यायाम — पैदल चलना, दौड़ना, टेनिस खेलना, नृत्य करना।
खुले उठाए जाने वाले वजन, वजन की मशीनें, स्ट्रेच बैंड
संतुलन साधने वाले व्यायाम– ताई ची, योग पतवारनुमा मशीनें जिनमें गिरने का खतरा हो ऐसे व्यायाम ना करें। साथ ही, उच्च-दबाव डालने वाले व्यायाम जो वृद्धजनों में फ्रैक्चर कर सकते हों, उन्हें ना करें।

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Osteoporosis के घरेलू उपाय (उपचार)

चलने हेतु सहायता का प्रयोग करें। यदि आप अस्थिर होते हैं, तो लकड़ी या वॉकर का प्रयोग करें।  ( Osteoporosis )
स्नानगृह में पकड़ने हेतु खम्भा लगवाएँ और हाथ धोने के स्थान तथा टब के पास ऐसा पैरपोश लगवाएँ जो फिसलता ना हो। भारी वस्तुओं को उठाते या ले जाते समय सहायता लें।, मजबूत जूते पहनें खासकर ठण्ड या बारिश के दौरान
ये निश्चित करें कि आपके आहार में पर्याप्त कैल्शियम और विटामिन डी है।  शारीरिक रूप से सक्रिय रहें और सप्ताह के अधिकतर दिनों में वजन-वहन करने वाले व्यायाम करें, जैसे पैदल चलना आदि 



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